Wednesday, February 20, 2019

गाथ छंद "वृक्ष-पीड़ा"

वृक्ष जीवन देते हैं।
नाहिं ये कुछ लेते हैं।।
काट व्यर्थ इन्हें देते।
आह क्यों इनकी लेते।।

पेड़ को मत यूँ काटो।
भू न यूँ इन से पाटो।।
पेड़ जीवन के दाता।
राख लो इन से नाता।।

वृक्ष दुःख सदा बाँटे।
ये न हैं पथ के काँटे।।
मानवों ठहरो थोड़ा।
क्यों इन्हें समझो रोड़ा।।

मूकता इनकी पीड़ा।
काटता तु उठा बीड़ा।।
बुद्धि में जितने आगे।
स्वार्थ में उतने पागे।।
=============
लक्षण छंद:-

सूत्र राच "रसोगागा"।
'गाथ' छंद मिले भागा।।

"रसोगागा" = रगण, सगण, गुरु गुरु  
212  112  22 = 8 वर्ण
*****************

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
21-03-2017

No comments:

Post a Comment