Wednesday, April 22, 2020

मुक्तक (कोरोना बीमारी - 1)

कोरोना का मतलब समझो कोई रोड पे ना निकले,
लोगों के इस एक कदम से हल बीमारी का निकले,
फैले जो छूने भर से इससे हम सारे दूर रहें,
सबका ध्येय यही हो कैसे देश से कोरोना निकले।

(15*2)
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यही प्रश्न है अब तो आगे, भूख बड़ी या कोरोना,
करो पेट की चिंता पहले, छोड़ो सब रोना धोना,
संबंधो से धो हाथों को, शायद बच भी हम जाएँ,
मँहगाई बेरोजगार से, तय है सांसों का खोना।

(लावणी छंद)
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
24-03-20

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