Friday, September 25, 2020

विविध मुक्तक -3

हाल अब कैसा हुआ बतलाएँ क्या,
इस फटी तक़दीर का दिखलाएँ क्या,
तोड़ के रख दी कमर मँहगाई ने,
क्या खिलाएँ और खुद हम खाएँ क्या।

2122*2  212
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हाउडी मोदी की तरंग में:-

विश्व मोदी को कह हाउडी पूछता,
और इमरान बन राउडी डोलता,
तय है पी ओ के का मिलना कश्मीर में,
शोर ये जग में हो लाउडी गूँजता।

212*4
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आज का सूरज बड़ा है,
हो प्रखर नभ में अड़ा है,
पर बहुत ही क्षीण मानव,
कूप में तम के पड़ा है।

2122*2
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
06-10-19

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