Tuesday, December 24, 2019

गीत (रहे देश का नाम ऊँचा तभी)

बहर:- 122 122 122 12 (भुजंगी छंद)

गरीबी रहे ना यहाँ पे कभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

रखें भावना प्यार की सबसे हम,
दुखी जो हैं उनके करें दुख को कम,
दिलों में दया भाव धारें सभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

मिला हाथ आगे बढ़ें सब सदा,
न कोई रहे कर्ज़ से ही लदा,
दुखी दीन को दें सहारा सभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

हुये बेसहारा उन्हें साथ दें,
गिरें हैं जमीं पे उन्हें हाथ दें,
जवानों बढ़ो आज आगे सभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

वतन के लिए जान हँस हँस के दें,
तिरंगे को झुकने कभी हम न दें,
बढ़े देश आगे सुखी हों सभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

'नमन' देश को कर ये प्रण हम करें,
नहीं भूख से लोग आगे मरें,
जो खुशहाल होंगें यहाँ पर सभी।
रहे देश का नाम ऊँचा तभी।।

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
24-11-2016

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर सर्व हितकारी प्रस्तुति

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