Saturday, December 28, 2019

चौका (गुलाब बनो)

जापानी विधा चौका
5-7, 5-7, 5-7 -------- +7

गुलाब बनो
सौरभ बिखराओ,
राहगीर को
काँटे मत चुभाओ,
चिराग बनो
आलोक छिटकाओ,
आग लगा के
घर मत जलाओ,
बिजली बनो
जग जगमगाओ,
पर दीन पे
गिर कर उसका,
अस्तित्व न मिटाओ।

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
30-06-19

2 comments:


  1. बहुत अच्छी चौका (गुलाब बनो) प्रस्तुति

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    1. आ0 कविता रावत जी आपका अतिसय आभार।

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