Thursday, November 14, 2019

मुक्तक (समसामयिक-1)

(विश्वकर्मा तिथि)

सत्रह सेप्टेंबर की तिथि है, देव विश्वकर्मा की न्यारी,
सृजन देव ये कहलाते हैं, हाथी जिनकी दिव्य सवारी,
अर्चन पूजा कर इनकी हम, सुध कुछ उनकी भी ले लेते,
जिन मजदूरों से इस भू पर, खिलती निर्माणों की क्यारी।

(32 मात्रिक छंद)
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मुक्तक (बधाई, शुभ संदेश)

अहो भाग्य भारत का यह है, मोदी जी सा नेता पाया,
देव विश्व कर्मा की तिथि पर, जन्म दिवस उनका शुभ आया,
सत्तरवें इस जन्म दिवस की, भावों भरी बधाई उनको,
भारत की क्षमता का लोहा, जग भर से जिनने मनवाया।

(समान सवैया)

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
17-09-20
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(पर्यटक दिवस)

विश्व-पर्यटक दिन घोषित है, दिवस सताइस सेप्टेंबर,
घोषित किंतु नहीं कोई है, सार्वजनिक छुट्टी इस पर,
मार दोहरी के जैसा है, आज पर्यटन बिन छुट्टी,
आफिस में पैसे कटते हैं, बाहर के खर्चे दूभर।

(लावणी छंद)

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
19-10-2016

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