Saturday, June 22, 2019

चोका विधान

(चोका कविता)

चोका उच्च स्वर से गायी जाने वाली मूलतः जापानी विधा की लंबी कविता है। हाइकु, ताँका, सेदोका की तरह इस विधा का भी हिन्दी में प्रचलन बढ़ा है। हिन्दी में प्रचलित अन्य जापानी विधा की कविताओं की तरह चोका भी प्रति पंक्ति निश्चित वर्ण संख्या पर आधारित कविता है।

चोका में पहली पंक्ति में पाँच वर्ण रहते हैं। वर्ण में लघु या दीर्घ कोई भी मात्रा हो सकती है। संयुक्त अक्षर युक्त वर्ण एक ही वर्ण में गिना जाता है। जैसे - 'स्वास्थ्य' में वर्ण की संख्या दो है। दूसरी पंक्ति में सात वर्ण होते हैं। इसके बाद 5-7 वर्ण प्रति पंक्ति का यही क्रम आगे बढता जाता है। विषम संख्या की पंक्ति जैसे 1,3,5,7 में पाँच वर्ण रहते हैं और सम संख्या की पंक्ति जैसे 2,4,6,8 में सात वर्ण रहते हैं। एक पूर्ण चोका में सदैव विषम संख्या की पंक्तियां ही होती हैं जो 9,11,13, 21,37 कुछ भी हो सकती हैं। यह सदैव ध्यान में रहे कि अंत की पंक्ति में 7 वर्ण रहे। यही चोका की एक मात्र विषम संख्या क्रमांक पंक्ति होती है जिसमें 7 वर्ण रहते हैं, जो चोका कविता की पटाक्षेप पंक्ति होती है। इस प्रकार किसी भी चोका कविता की संरचना 5-7-5-7-5-7......7 वर्ण की ही रहती है।

हाइकु, ताँका, सेदोका की तरह ही चोका में भी पंक्तियों की स्वतंत्रता निभाना अत्यंत आवश्यक है। हर पंक्ति अपने आप में स्वतंत्र हो परंतु कविता को एक ही भाव में समेटे अग्रसर भी करती रहे।

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
तिनसुकिया
13-04-18

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